Breaking News, Goverment Policy

“मौसमी सख्ती या नीतिगत विफलता? साल भर सोती व्यवस्था का अचानक जागना और बिना पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधारे जनता पर ‘बैन’ का बोझ डालना कितना तार्किक है?”

“सांसों पर पहरा और सिस्टम का गहरा ‘कोमा’: क्या जनता पर ‘बैन’ का चाबुक चलाना ही प्रदूषण का एकमात्र इलाज है?” परिचय (Introduction) दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर उस मुकाम पर खड़ा है जिसे हम हर साल की ‘मौसमी त्रासदी’ कहते हैं। बाहर झांकिए, तो आपको शहर नहीं, बल्कि एक ‘गैस चैंबर’ दिखाई देगा। सुप्रीम कोर्ट

Political Statments

शर्मनाक: एक मुख्यमंत्री की बदसलूकी को ‘कहीं और छूने’ से तौल रहे मंत्री जी, क्या माफी से धुल जाएगा यह दाग?

“अगर कहीं और छू देते तो…” संजय निषाद का यह शर्मनाक बयान सत्ता का नशा है या महिलाओं का घोर अपमान? भारतीय राजनीति में मर्यादा का स्तर (standard of dignity) रसातल में जा रहा है, और इसका ताज़ा उदाहरण उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का वह बयान है जिसने शर्मिंदगी की सारी हदें

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गांधी बनाम G RAM G: प्रियंका ने पूछा- ‘नाम बदलने की क्या है सनक?’, खड़गे बोले- गरीबों के अधिकार छीन रही सरकार

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए नए ग्रामीण रोजगार बिल ‘VB-G RAM G’ (विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) ने एक बड़े राजनीतिक संग्राम का रूप ले लिया है। दो दशक पुराने ‘मनरेगा’ (MGNREGA) कानून को बदलने और उसमें से महात्मा गांधी का नाम हटाने के

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100 नहीं, अब 125 दिन रोजगार की गारंटी: जानिए क्या है नया VB-G RAM G बिल.

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने संसद में ग्रामीण रोजगार को लेकर एक बड़ा विधायी बदलाव पेश किया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA), जो पिछले दो दशकों से ग्रामीण भारत की जीवनरेखा माना जाता रहा है, उसे अब ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G बिल,

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‘बापू हमारे दिल में हैं’: शिवराज ने किया ‘G RAM G’ का बचाव, बिल को बताया राम राज्य की ओर कदम

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को भारी हंगामे के बीच केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा (MGNREGA) की जगह लेने वाले नए VB-G RAM G बिल को पेश किया। विपक्ष द्वारा महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने और बिल के नए नाम पर तीखे विरोध के बीच,

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‘देखो ओ दीवानों… राम का नाम बदनाम न करो’: VB-G RAM G बिल पर थरूर का सरकार पर संगीतमय तंज

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को माहौल उस वक्त संगीतमय और तीखा हो गया, जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार के नए ग्रामीण रोजगार बिल को लेकर एक पुराने बॉलीवुड गाने के जरिए तंज कसा। मनरेगा (MGNREGA) की जगह लाए जा रहे ‘VB-G RAM G’ बिल पर चर्चा के दौरान

Goverment Policy, Parliament

‘न्यूक्लियर’ बिल या ‘अन्क्लियर’ बिल? शशि थरूर ने उठाए सुरक्षा पर गंभीर सवाल।

लोकसभा में ‘शांति’ (SHANTI) बिल, 2025 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे ‘न्यूक्लियर’ के बजाय ‘अन्क्लियर’ (अस्पष्ट) बिल करार दिया और निजीकरण से जुड़े सुरक्षा जोखिमों और कानूनी खामियों पर गंभीर सवाल उठाए। क्या हुआ? संसद में बहस के दौरान, थरूर ने तर्क दिया कि

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“Not a nuclear but an ‘unclear’ bill: Tharoor flags loopholes, safety risks in SHANTI Bill”

During a debate in the Lok Sabha regarding the Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India (SHANTI) Bill, 2025, Congress MP Shashi Tharoor strongly criticized the legislation, labeling it an “unclear bill” rather than a nuclear one. He raised alarms regarding the safety risks and legal loopholes associated with opening the nuclear

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