नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को भारी हंगामे के बीच केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा (MGNREGA) की जगह लेने वाले नए VB-G RAM G बिल को पेश किया। विपक्ष द्वारा महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने और बिल के नए नाम पर तीखे विरोध के बीच, शिवराज सिंह चौहान ने भावनात्मक और तथ्यात्मक रूप से सरकार का बचाव करते हुए दावा किया कि यह बिल महात्मा गांधी के सपनों के ‘राम राज्य’ को स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है,।

“बापू पोस्टरों में नहीं, हमारे दिल में हैं”
विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, ने आरोप लगाया कि सरकार महात्मा गांधी का नाम मिटाने की कोशिश कर रही है। इस पर पलटवार करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने सदन में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार गांधीजी के आदर्शों को केवल नाम तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें जीती है।
उन्होंने संसद में कहा:
“बापू हमारे दिल में बसते हैं और बापू ही कहते थे राम राज्य… यह पूरा बिल महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है और राम राज्य की स्थापना के लिए है।”
चौहान ने तर्क दिया कि विपक्ष “G RAM G” (जी राम जी) नाम से इसलिए परेशान है क्योंकि इसमें ‘राम’ का नाम आ गया है। उन्होंने याद दिलाया कि गांधीजी के अंतिम शब्द भी ‘हे राम’ थे और ग्राम स्वराज के साथ राम राज्य की स्थापना उनका मुख्य उद्देश्य था।
कांग्रेस पर पलटवार: ‘आपने भी बदले थे नाम’
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के “नाम बदलने के जुनून” वाले आरोपों का जवाब इतिहास के पन्नों से दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सरकार ने ‘जवाहर रोजगार योजना’ का नाम बदला था, तो क्या वह जवाहरलाल नेहरू का अपमान था? उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार का उद्देश्य नाम की राजनीति करना नहीं, बल्कि गरीबों और गांवों का वास्तविक विकास है, जैसा गांधीजी चाहते थे।
आंकड़ों से दिया जवाब: “हमने बापू के आदर्शों को जिंदा रखा” बिल का बचाव करते हुए मंत्री ने मोदी सरकार के प्रदर्शन की तुलना यूपीए सरकार से की। उन्होंने सदन में आंकड़े पेश करते हुए दावा किया:
• कांग्रेस/यूपीए सरकार ने मनरेगा पर लगभग 2,13,220 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
• जबकि मोदी सरकार ने गरीबों के विकास और रोजगार पर 8,53,810 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।
चौहान ने कहा कि बापू के आदर्श प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और उज्ज्वला योजना जैसी स्कीमों में जीवित हैं, जिन्होंने करोड़ों गरीबों के जीवन को बेहतर बनाया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने बापू के आदर्शों को मारने का काम किया, जबकि मोदी जी ने उन्हें जिंदा रखा है”।
बिल में क्या है ‘राम राज्य’ की दिशा?
शिवराज सिंह चौहान ने बिल की खूबियां गिनाते हुए बताया कि यह नया कानून मनरेगा से ज्यादा सशक्त है और मजदूरों के अधिकारों को बढ़ाता है:
1. ज्यादा रोजगार: नए बिल में रोजगार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है,।
2. विकसित भारत का लक्ष्य: बिल का पूरा नाम ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ है, जो 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लक्ष्य से जुड़ा है,।
हालाँकि, विपक्ष ने बिल का विरोध जारी रखा और इसे राज्यों के अधिकारों पर हमला (फंडिंग में 60:40 का अनुपात) और गांधीजी का अपमान बताया, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ध्वनि मत से बिल को पेश करने की अनुमति दे दी,।