नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को माहौल उस वक्त संगीतमय और तीखा हो गया, जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार के नए ग्रामीण रोजगार बिल को लेकर एक पुराने बॉलीवुड गाने के जरिए तंज कसा। मनरेगा (MGNREGA) की जगह लाए जा रहे ‘VB-G RAM G’ बिल पर चर्चा के दौरान थरूर ने सरकार पर महात्मा गांधी के नाम को हटाने और ‘राम’ के नाम का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया,।

क्या है पूरा मामला?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G बिल, 2025 पेश किया। यह बिल मौजूदा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का स्थान लेगा। जैसे ही बिल पेश हुआ, विपक्ष ने महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने और बिल के नाम में किए गए बदलाव पर भारी हंगामा किया,।
थरूर का संगीतमय प्रहार
तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने इस बिल का विरोध करते हुए इसे केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि योजना की “आत्मा पर हमला” बताया। बिल के संक्षिप्त नाम (Acronym) ‘G RAM G’ (जी राम जी) पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने 1971 की फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ का मशहूर गाना याद किया।
थरूर ने सदन में कहा:
“शीर्षक में दो भाषाओं (हिंदी और अंग्रेजी) का मिश्रण सिर्फ ‘G RAM G’ एक्रोनिम बनाने के लिए किया गया है… यह मुझे मेरे बचपन के एक गाने की याद दिलाता है- ‘देखो ओ दीवानों (तुम) ये काम न करो, राम का नाम बदनाम न करो’“,,।
गांधी और राम राज्य पर बहस शशि थरूर ने तर्क दिया कि महात्मा गांधी का नाम हटाना इस बिल को उसके “नैतिक आधार” (moral compass) और ऐतिहासिक वैधता से वंचित करना है। उन्होंने सरकार को याद दिलाया कि गांधीजी का ‘राम राज्य’ का विचार कभी भी शुद्ध राजनीतिक प्रोजेक्ट नहीं था, बल्कि यह गांवों के सशक्तिकरण और ‘ग्राम स्वराज’ पर आधारित एक सामाजिक-आर्थिक खाका था,।
थरूर ने बाद में सोशल मीडिया पर भी स्पष्ट किया कि “ग्राम स्वराज की अवधारणा और राम राज्य का आदर्श कभी भी एक-दूसरे के विरोधी नहीं थे; वे गांधीजी की चेतना के दो स्तंभ थे”।
सरकार का पलटवार: ‘बापू हमारे दिल में हैं’
थरूर और विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि यह बिल महात्मा गांधी की भावनाओं के अनुरूप है। चौहान ने कहा:
“बापू हमारे दिल में बसते हैं और बापू ही कहते थे राम राज्य… यह पूरा बिल महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है और राम राज्य की स्थापना के लिए है”।
सरकार का कहना है कि मोदी सरकार ने पिछली सरकारों की तुलना में ग्रामीण विकास के लिए अधिक काम किया है और वह गांधी के सिद्धांतों का पालन करती है।
बिल में क्या है खास?
इस नए VB-G RAM G बिल में ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रस्ताव है। हालांकि, विपक्ष और थरूर ने इस बात पर चिंता जताई है कि इसमें राज्यों पर वित्तीय बोझ (40% खर्च) डाला जा रहा है, जो राजकोषीय संघवाद (Fiscal Federalism) का उल्लंघन है और गरीब राज्यों के लिए योजना को लागू करना मुश्किल बना देगा,।
विपक्ष के भारी हंगामे और ‘राम का नाम बदनाम न करो’ जैसे तंज के बावजूद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ध्वनि मत से बिल को पेश करने की अनुमति दे दी।